Tuesday, January 9, 2024

मैसलों का आत्म- सिद्धि सिद्धात ,अभिप्रेरणा के पक्ष-

 प्रस्तावना- 

मोटिवेशन शब्द मूवर शब्द से निकला है जिसका अर्थ गति करना। यह वह प्रक्रिया है जो क्रिया उत्तेजित करने उन्नति को जारी रखने कार्य के नमूने को नियमित करने तथा दिशा निर्देश देने का कार्य करती है। इसके लिए या शरीर में तंतुओं में शक्ति द्वारा परिवर्तन पैदा करती है।
अभिप्रेरणा को अधिगम का हृदय, अधिगम की सुनहरी सड़क अनिवार्ष स्थिति और अधिगम का प्रमुख कारक भी कहा जाता है।


मोटिवेशन की परिभाषा-

जॉनसन के अनुसार- प्रेरणा एक ऐसी मनोवैज्ञानिक या आंतरिक प्रक्रिया है जो किसी आवश्यकता की उपस्थिति में उत्पन्न होती है और ऐसी क्रिया की ओर ले जाती है जो आवश्यकता को संतुष्ट करेगी।

गेट्स के अनुसार- प्रेरक वे शारीरिक एवं मनोवैज्ञानिक भाषाएं हैं जो किसी कार्य को करने के लिए प्रेरित करती है।

गिलफोर्ड के अनुसार - अभिप्रेरणा कोई भी विशेष आंतरिक कारक की दशा है जो क्रिया को आरंभ करने अथवा बनाए रखने की और प्रवृत्ति होती है।


गुड के अनुसार प्रेरणा कार्य को उत्तेजित करने जारी रखने और नियमित करने की प्रक्रिया है।

क्रो एवं क्रो के अनुसार अभिप्रेरणा का संबंध सीखने में रुचि उत्पन्न करने से है और अपने इसी रूप में वह सीखने का मूलाधार है।

बर्नार्ड के अनुसार- अभिप्रेरणा विशेष लक्ष्य के प्रति क्रियो की उत्तेजना है जहां पहले उद्देश्य के प्रति कोई आकर्षण नहीं था।


अभिप्रेरणा के पक्ष-

1-आवश्यकता- प्रत्येक प्राणी के जीवन को बनाए रखने के लिए उसकी कुछ मौलिक आवश्यकताएं होती हैं जिनकी पूर्ति होना आवश्यक होता है।

बोरिंग के अनुसार- "आवश्यकता प्राणी के भीतर का तनाव है जो कुछ उद्दीपनों  के संबंध में प्राणी के क्षेत्र को व्यवस्थित करने में प्रवृत्ति करती है जो उनके प्राप्ति की ओर निर्देशित क्रिया को उत्तेजित करती हैl"




आवश्यकता को दो भागों में बांटा गया है -                  
¡)  शारीरिक आवश्यकता-  इसके अंतर्गत भूख, प्यास ,जल,वायु, निद्रा  इत्यादि l

¡¡)  सामाजिक- मनोवैज्ञानिक आवश्यकता-  इसके अंतर्गत सुरक्षा की आवश्यकता , उपलब्धि की आवश्यकता , पहचान की आवश्यकता इत्यादिl

2- चालक-  प्राणी की आवश्यकता के कारण जो तनाव की अवस्था उत्पन्न होती है उसे चालक कहते हैं चालक शक्ति का मूल स्रोत है जो मानव प्राणी को क्रियाशील बनता है जैसे जल की आवश्यकता से प्यास चालक भोजन की आवश्यकता से भूख चालक की उत्पत्ति होती है भूख लगना प्यास लगना आंतरिक उत्तेजनाए हैं जो व्यक्ति में तनाव पैदा करती हैं

3 - प्रोत्साहन अथवा उद्दीपन प्रोत्साहन -  वातावरण की वस्तुएं हैं जो प्राणी की आवश्यकताओं की पूर्ति करके चालकों की संतुष्टि करती है उदाहरण भूख एक चालक है  जिसे भोजन संतुष्ट करता है इस प्रकार भूख चालक केलिए भोजन प्रोत्साहन अथवा उद्दीपन है यह दो प्रकार के होते हैं पहले सकारात्मक प्रोत्साहन प्रशंसा पुरस्कार मुस्कुराहट पैसा इत्यादि दूसरा नकारात्मक प्रोत्साहन दर्द दंड इत्यादि


4- प्रेरक - प्रेरक बहुत व्यापक शब्द है इसमें प्रोत्साहन के अतिरिक्त चालक तनाव आवश्यकता सभी समाहित होते हैं प्रेरक के विभिन्न स्वरूप हैं और इनको विभिन्न नाम से पुकारा जाता है जैसे आवश्यकता इच्छाएं निर्धारक प्रवृत्तियां अभिवृत्तियां इत्यादि l

मैक दुग्गल के अनुसार - प्रेरक वे शारीरिक एवं मनोवैज्ञानिक दशाएं हैं जो किसी कार्य को करने के लिए प्रेरित करती है



      मैसलों का आत्म- सिद्धि सिद्धात

मनोविज्ञान के एक प्राध्यापक अब्राहम मैस्लो एक मानववादी विचारक थे। उनका विचार था कि मनुष्य अपने लिए तथा मानव जाति के लिए एक बेहतर संसार बना सकता था। अभिप्रेरणा और व्यक्तित्व को समझने के लिए अपने उपागम में वह व्यवहारवादियों और मनोविश्लेषण से भिन्न है।
मैस्लो का आत्म सिद्धि सिद्धांत मैस्लो का विचार है कि मानव आवश्यकताओं की वृद्धि विकास और पूर्ति उच्चतम से न्यूनतम तक एक क्रम में व्यवस्थित होती है उसके अनुसार यह  निम्नलिखित रूप में व्यक्त किया -
 



1- शारीरिक आवश्यकता -
शारीरिक आवश्यकता मानव जीवन की उत्तरजीविता और निर्वाह से संबंधित होती हैं मैस्लो ने यह सबसे निम्न क्रम बताया इन आवश्यकताओं में रोटी, कपड़ा, मकान, ऑक्सीजन नींद क्रियाकलाप इत्यादि ज्ञानेंद्रिय संतुष्टि की आवश्यकता शामिल है मैस्लो का विश्वास है कि यह आवश्यकता सभी आवश्यकताओं में सबसे प्रबल होती हैं फिर भी आत्म-सिद्धि के लिए सबसे कम महत्वपूर्ण है यदि व्यक्ति इन आवश्यकताओं की पूर्ति से वंचित रहता है तो सभी अन्य आवश्यकता ना तो प्रकट होती हैं और ना ही काम में होती हैं मैस्लो ने निष्कर्ष निकाल कि बच्चों को कार्य के लिए अभिप्रेरित करने हेतु आवश्यकता की पूर्ति एक बेहतर माध्यम है

2- सुरक्षा की आवश्यकता
शारीरिक आवश्यकताओं की पूर्ति के बाद व्यक्ति के व्यक्तित्व में सुरक्षा संबंधी आवश्यकता है प्रबल होती हैं  मैस्लो के अनुसार व्यक्ति को सुरक्षा की आवश्यकता होती है यदि व्यक्ति में शारीरिक आवश्यकताओं की पूर्ति सही रूप में नहीं हो पाती है तो वह स्वयं को उपेक्षित महसूस करता है और सुरक्षा ढूंढने संबंधी व्यवहार ह।वी प्रतीत होता है सुरक्षा संबंधी आवश्यकता  आर्थिक और शारीरिक सुरक्षा से संबंधित होती हैं उदाहरण के रूप में आय के स्रोत की सुरक्षा, व्यक्तिगतसुरक्षा ,जोखिमों से बचने की सुरक्षा ,वृद्धावस्था में बीमा संबंधी सुरक्षा

3 - सामाजिक आवश्यकता  - अपनेपन और प्यार की आवश्यकता -
जब शारीरिक और सुरक्षा आवश्यकता  उचित ढंग से पूरी हो जाती है तो व्यक्ति के अंदर प्रेम एवं अपने संबंध  की आवश्यकता प्राथमिकता के अगले क्रम में उभरती है सामाजिक आवश्यकताएं हैं अपनेपन की आवश्यकता प्यार संबंध और स्वीकृत की आवश्यकता है यह एक सामाजिक प्राणी के रूप में अपने जाने और सामाजिक रूप से स्वीकार किए जाने प्यार करने और प्यार पाने की क्रिया के रूप में प्रदर्शित होती हैं यह आवश्यकता है सामूहिक जीवन के साथ तादात्म स्थापित करने के लिए मनुष्य की आधारभूत मनोवैज्ञानिक प्रवृत्ति पर जोर देती है

4-  सम्मान की आवश्यकता -  मैस्लो के अनुसार सम्मान संबंधी आवश्यकता आत्म के बारे में जागरूकता और दूसरों द्वारा दिए गए पहचान से संबंधित होती हैं सम्मान संबंधी आवश्यकताओं के रूप में आत्म छवि, आत्मविश्वास आत्मसम्मान ,स्तर ,समाज में पहचान - प्रतिष्ठा दूसरों से प्राप्त ज्ञान और सम्मान से संबंधित होते हैं मैस्लों  ने इसे दो श्रेणियों में बाँटा है -

1- आत्म सम्मान -आत्म मूल्यांकन एवं
2 - ख्याति, स्तर, सामाजिक सफलता और प्रसिद्धि

5- आत्म-सिद्धि की आवश्यकता-

मैस्लो द्वारा प्रस्तावित सोपान के क्रम में सबसे उच्चतम आवश्यकताओं में आत्म सिद्धि की आवश्यकता है मैसलों का विश्वास है की आत्म सिद्धि का अर्थ है व्यक्ति द्वारा आत्म अनुभूति और उसके सर्वोत्तम गुण की प्राप्ति इसका अर्थ यह है कि व्यक्ति जो कुछ भी बन सकता है उसे बनना चाहिए उसकी क्षमताओं को वास्तविक बनाया जाना चाहिए इस प्रकार आत्म सिद्धि की आवश्यकता का अर्थ है आत्म पूर्ति आत्म अभिव्यक्ति आत्म- विकास , व्यक्तिगत उपलब्धि एवं क्षमताओं की पूर्ण प्राप्ति मैसलों के अनुसार आत्म सिद्धि तभी संभव है जब व्यक्ति की सारी पिछली आवश्यकताओं की पूर्ति हो गई हो व्यक्ति सामाजिक सांस्कृतिक एवं स्वयं पर लादे गए नियंत्रण से मुक्त महसूस करता हो वह पूर्ण रूप से स्वतंत्र नहीं है लेकिन साथ ही  सांस्कृतिक परंपराओं का गुलाम भी नहीं है



निष्कर्ष-
हम कह सकते हैं कि आवश्यकताओं के सोपान क्रम में आत्म सिद्धि के लिए यह आवश्यक है कि व्यक्ति को अपने उत्तर जीव संबंधी आवश्यकताओं के बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए उसे अपने काम का आनंद उठाना चाहिए उसे अपने परिवार समाज  प्रति में अपने सामाजिक संबंध में संतुष्ट महसूस करना चाहिए l  






Copy right ✅️ 

गेने का अधिगम सिद्धात


 गेने का अधिगम सिद्धात


प्रस्तावना-

गैग्ने  सीखने की स्थितियों के लिए मनोविज्ञान में अपने व्यवहारवादी उदार दृष्टिकोण के लिए प्रसिद्ध हैं।                   गैग्ने के अनुसार सीखना मानव स्वभाव या क्षमता में एक बदलाव है जिसे बरकरार रखा जा सकता है और जो केवल विकास की प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार नहीं है। 

 गैग्ने (1970) ने सीखने पर प्रयोगात्मक अनुसंधान द्वारा सुझाए गए अपने वर्गीकरण को सामने रखा, सीखने की आठ श्रेणियां निर्धारित कीं - 

गैग्ने, सीखने की श्रेणियां - 

1 - संकेत सीखना - इस चरण में सीखना उत्तेजना के प्रति प्रतिक्रिया को जोड़ता है - यह शास्त्रीय अनुबन्धन है यह एक प्रकार का उत्तेजक प्रतिस्थापन  है जैसे. एक छात्र ट्रैफिक सिग्नल पर सामान्यीकृत प्रतिक्रिया करना सीखता है। 

 2- उत्तेजना-प्रतिक्रिया सीखना - इस चरण में सीखना प्रतिक्रिया को उत्तेजना से जोड़ता है - यह एस-आर लर्निंग या थार्नडाइक की क्लासिकल अनुबन्धन है। यह प्रतिक्रिया संशोधन की प्रक्रिया है। जिसमें दो उद्दीपन आपस में प्रतिक्रिया करते है।

3- चेनिंग - इस चरण में दो या दो से अधिक प्रत्यक्ष प्रतिक्रियाओं को कनेक्ट करते है - यह एक क्रम में व्यक्तिगत S-S (उद्दीपन - उद्दीपन ) R-R (प्रतिक्रिया -प्रतिक्रिया)के रूप में होता है। है।यदि छात्र लिंक सीखता है, तभी चेनिंग संभव है।जैसे. संख्यात्मक गणित 1-100. 

 4- मौखिक सहयोग सीखना - इस प्रकार की सीख एक मौखिक स्तर को एक विशिष्ट उत्तेजना से जोड़ने पर आधारित होती है। जैसे. ए फॉर एप्पल, बी फॉर बॉल। 

 5-विभेदीकरण सीखना - इस सीखने में - दो समान उद्दीपन  से प्रत्येक के लिए एक अलग प्रतिक्रिया  कनेक्ट करें - उदाहरण के लिए। एक बच्चा वर्णमाला के प्रत्येक मुद्रित अक्षर पर विशिष्ट प्रतिक्रिया देता है।जैसे किसी दो जानवर में उसके आकार एवं विशिष्ट स्वरूप के आधार पर अन्तर l

6- अवधारणा सीखना - इस चरण में - एक ही कक्षा में कई भिन्न उद्दीपक के प्रति उसकी विशेषताएं बताना - यह उद्दीपक के एक वर्ग के लिए एक सामान्य प्रतिक्रिया है जिसमें कुछ सामान्य विशेषताएं जो आवश्यक हैं। जैसे. प्राकृतिक फल के साथ सेब की अवधारणा सीखना। 

 7- नियम/सिद्धांत सीखना - इस चरण में - दो या दो से अधिक अवधारणाओं के बीच संबंध सीखें - इसे नियम सीखना भी कहा जाता है यह दो या दो से अधिक अवधारणाओं की श्रृंखला का निर्माण है। सिद्धांत एक अनुमानित क्षमता है।

 8. समस्या समाधान - इस चरण में - प्रतिक्रिया की योजना बनाने के लिए सिद्धांतों का उपयोग करें जो सिद्धांत सीखने का एक स्वाभाविक विस्तार है। समस्या समाधान में, छात्र पहले से सीखे गए नियमों और सिद्धांतों का एक संयोजन खोजते हैं जिन्हें समस्या को हल करने के लिए लागू किया जा सकता है। गैग्ने की कंडीशनिंग सीखने के शैक्षिक निहितार्थ - I - एक शिक्षक को व्यवहार संबंधी उद्देश्यों को लिखते समय क्रिया क्रियाओं का उपयोग करना चाहिए। 2- एक शिक्षक को सीखने की स्थितियों का निरीक्षण करना चाहिए और उनका वस्तुनिष्ठ एवं परीक्षण योग्य शब्दों में वर्णन करना चाहिए। 3-गैग्ने ने वाद्य कंडीशनिंग की भूमिका पर जोर दिया और शास्त्रीय कंडीशनिंग को कोई या बहुत सीमित महत्व नहीं दिया।





Copy right ✅️ 

Sunday, December 17, 2023

Gagne's theory of learning


 Gagne's conditions of learning theory 

 Introduction- 

Gagne is famous for his behaviouristic eclectic approach to the Psychology for the conditions of learning. According to gagne "Learning is a change in human disposition, or capability which can be retained and which is not simply ascribable to the process of growth".

 Gagne (1970) put forward his taxonomy which suggested by experimental research on learning, sets forth eight categories of learning -

Gagne, s Categories of learning - 

1- Signal learning - 

In this steps learring connect response to stimulus- It is classical conditioning and a kind of stimulous substitution. eg. a student learns to make generalized response to traffic signal. 

2-   Stimulus-response Learning - 

In this step learning connect response to stimulus -  it is S-R Learning or instrumental conditioning of Thorndike. It is process of response modification . 

3-  Chaining - in this steps Connect two or more overt Responses - It is a set of individual Ss - Rs in a sequence. If student learns links, then only chaining is possible. eg. numerical Math 1-100.

 4- Verbal association Learning - this type of learning bassed upon Connect a Varbal level to a distinctive stimulus. eg. A for Apple, B-for Ball .

 5- Discrimination learning - in this learning - Connect a different response to each of two similar stimuli - eg. a child make distinctive responses to each of the printed letters of the alphabets. 

6- Concept Learning - in this step- place several dissimilar stimuli in same class- It is making a common response to a class of stimuli having some common features which are essential. eg. concept learning of apple with natural fruit.

 7- Rule/Principle Learning - In this stage - Learn a relation between two or more concepts - It is also known as rule learning It is the formation of a chain of two or more concepts. Principle is an inferred capability.

 8. Problem Solving - in this stage - use principles to plan a response citis a natural extension of principle learning. In problem solving, students discover a combination of previously learned rules & principles that can be applied to solve the problem. 


 Educational Implications of Gagne's conditioning learning - 

1- A teacher should use action verbs while writing behavioural objectives. 

2- A teacher should observe the conditions of learning and should describe them in objective & testable terms. 

3-Gagne emphasized the role of instrumental conditioning and no or very limited importance to classical conditioning.






All content are copyright ©️ 


Tuesday, December 5, 2023

Intelligence,definition,types,characteristics

                  

                     INTELLIGENCE -


Introduction-

 In everyday language, intelligence is about working within a person, going to a new place, adjusting oneself, etc., which have been defined by psychologists on their own basis, which is as follows -.


Definition- 

 Intelligence is the ability to adjust to new situations - 

According to William Stern  - intelligence is the ability to adjust to a new situation. 

According to Burt, -intelligence is the ability to make flexible adjustments. 

According to Woodworth, intelligence means the use of talent. It is the use of intellectual abilities to overcome a situation or to do something.

According to Ross- Conscious harmony in a new situation is intelligence. 

According to Wells- Intelligence is the ability to reorganize one's behavior patterns to perform better in a new situation.


2. Wisdom is the ability to think abstractly - 

According to Terman - Intelligence is the ability to think about abstract ideas. 

 According to Spearman - Relative thinking is intelligence. 

 According to Burt - Good judgment is the ability to reason well and reason. 

According to Binet- intelligence is the ability to think well, good judgment and self-criticism. These psychologists have called intelligence the ability to abstract.

 According to Terman- Intelligence is the ability to think abstractly. 


3. Intelligence is the ability to take advantage of past experience. -

Psychologists who gave this definition are 

 According to Thorndike Ebbinghaus- intelligence is the ability to make useful use of past experience. 

According to Dearborn- it is the ability to learn or gain from experience. 

According to Buckingham - Intelligence is the ability to learn.

 The broad definition of intelligence mainly takes the definition of Wechler -

 According to Wechler - Intelligence is that universal ability of a person by which he acts purposefully, thinks rationally and behaves effectively in the environment. 


1. Element (attributes) of intelligence-

Thorndike has divided intelligence into four elements -

 i)  Level-  It is related to the level of difficulty of the task, it shows the level of intelligence of the person.

 2 - Range-  It relates to how many difficult tasks of the same type we can do. 

3 -  Area - It refers to the total number of situations in which a person has to react.

4 - Speed ​​- It is related to how fast we can react in a given situation.


 2. Kinds of Intelligence - Thorndike gave three types of intelligence. - 

Abstract Intelligence - Abstract intelligence includes the ability to solve problems with symbols, words, numbers, formulas, etc. 

 Mechanical Intelligence - It is the ability to work effectively on machines and keep information. 

Social Intelligence - It is the ability to achieve adjustment in people. People with social intelligence quickly make others their friends.


Characteristics of intelligence - 

1. Each person's intelligence is different from each other. 

2. Intelligence is innate, it cannot be acquired after birth. 

3. Wisdom helps a person to solve difficult problems. 

4. Wisdom of lineage has a great impact on Socio-economic and cultural factors and ethnic differences also affect intelligence.

 5.  Environment, training and education also have an effect on intelligence.

 6. The development of intelligence takes place over a certain period of time. The development of the intellect stops until it ends. 






All content is copyright ©️ 

Feedback and comments write ✍️ in comments box.

Saturday, December 2, 2023

बुद्धि ,परिभाषा,विशेषताएं ,प्रकार

                    बुद्धि  Intelligence 



Introduction- 

दैनिक बोलचाल की भाषा में बुद्धि किसी व्यक्ति के अन्दर कार्य करने,किसी नये जगह जाकर अपने आपको समायोजित करने इत्यादि से है जिन्हे मनोवैज्ञानिकों ने अपने अपने आधार पर परिभाषित किया है जो निम्नलिखित है -


परिभाषा- 

1. बुद्धि नई परिस्थितियों में समायोजन करने की क्षमता है - इस परिभाषा को देने वालों में-

विलियम स्टर्न के अनुसार - "नई स्थिति में समायोजित होने की योग्यता बुद्धि है।"

बर्ट के अनुसार - "बुद्धि लचीले समायोजन की योग्यता है।" 

वुडवर्थ के अनुसार - "बुद्धि का अर्थ प्रतिभा का प्रयोग करना है।यह किसी स्थिति पर काबू पाने या किसी कार्य को करने के लिए बौद्धिक योग्यताओं का प्रयोग करना हैं।"


रॉस के अनुसार . "नई स्थिति में सचेत सामंजस्य बुद्धि है।"

वेल्स के अनुसार - "बुद्धि नयी परिस्थिति में बेहतर काम करने के लिए अपने व्यवहार प्रतिमान को पुनर्गठित करने का गुण है।"


 2. बुद्धि अमूर्त चिन्तन की योग्यता  - 

टरमन - "बुद्धि अमूर्त विचारों के बारे में सोचने की योग्यता है l" 

स्पीयर मैन के अनुसार - "सापेक्षित चिन्तन बुद्धि है।". 

बर्ट के अनुसार - "बुद्धि अच्छे निर्णय अच्छी समझ तथा अच्छा तर्क देने की योग्यता है।"

 Binet के अनुसार- अच्छा चिन्तन ,अच्छा निर्णय तथा आत्म आलोचना की योग्यता बुद्धि है। इन मनोवैज्ञानिकों ने बुद्धि को अमूर्तचिन्तन की योग्यता कहा है। 


 3. बुद्धि गत अनुभव से लाभ उठाने की योग्यता - 

इस परिभाषा को देने वाले मनोवैज्ञानिकों में Ebbinghous , एवं thorndike है-

थोर्नडाइक के अनुसार - बुद्धि पिछले अनुभव के उपयोगी प्रयोग की योग्यता है । 

डीयरबार्न के अनुसार - यह अनुभव द्वारा सीखने या लाभ प्राप्त करने की योग्यता है।

बकिंघम के अनुसार - सीखने की योग्यता बुद्धि है। 

बुद्धि की विस्तत परिभाषा में प्रमुख रूप से वैश्लर की परिभाषा को लिया जाता है - 

वेश्लर के अनुसार - "बुद्धि एक व्यक्ति की वह सार्वभौमिक योग्यता है जिसके द्वारा वह उद्देश्य पूर्ण कार्य करता है तर्क पूर्ण चिन्तन करता है और वातावरण में प्रभावशाली ढंग से व्यवहार करता है।"                          


 बुद्धि की व्याख्या Discription of Intelligence - 


1- तत्व (Attributes) थार्नडाइक ने बुद्धि को चार तत्वों में बांटा है .

i ) स्तर (Level )-. यह कार्य की कठिनाई के स्तर के साथ सम्बन्धित है इससे व्यक्ति की बुद्धि के स्तर का पता चलता है। 

२) विस्तार ( Range ) यह इस बात से सम्बन्ध रखता है कि एक ही प्रकार के कितने कठिन कार्य हम कर सकते हैं । 

।।।) क्षेत्र (area) - इसका सम्बन्ध उन स्थितियों की कुल संख्या से है जिनमें व्यक्ति को प्रतिक्रिया करनी होती है। 

iv ) - गति (Speed) इसका सम्बन्ध इस बात से है कि हम किसी स्थिति में कितनी तेजी के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं।                 

२. बुद्धि के प्रकार ( Kinds of Intelligence ) - 

थार्नडाइक ने बुद्धि के तीन प्रकार बतलायें-


 1) अमूर्त बुद्धि Abstract Intelligence - 

अमूर्त बुद्धि में प्रतीकों शब्दों अंकों सूत्रों आदि की समस्या सुलझाने की योग्यता सम्मिलित है। 

॥) यांत्रिक बुद्धि - mechanical Intelligence - 

यह यन्त्रों पर प्रभावशाली ढंग से काम करने व जानकारी रखने की योग्यता है। 

॥।) सामाजिक बुद्धि Social Intelligence -

 यह लोगों में समायोजन प्राप्त करने की योग्यता है। सामाजिक बुद्धि वाले व्यक्ति दूसरों को जल्दी अपना मित्र बना लेते है।


बुद्धि की विशेषताएं -  


1-प्रत्येक व्यक्ति की बुद्धि एक दूसरे से भिन्न होती है। 

२- बुद्धि जन्मजात होती है इसे जन्म के बाद प्राप्त नहीं किया जा सकता 

३- बुद्धि व्यक्ति को कठिन समस्याओं को हल करने में सहायता प्रदान करती है।

 4- वंश का बुद्धि पर बहुत प्रभाव पड़ता है

5- सामाजिक आर्थिक एवं सांस्कृतिक कारक तथा जातीय भिन्नताएं भी बुद्धि को प्रभावित करती हैं।

6- बुद्धि पर वातावरण प्रशिक्षण एवं शिक्षा का भी प्रभाव पड़ता है। 

7- बुद्धि का विकास एक निश्चित समयावधि तक होता है। किशोरावस्था के समाप्त होने तक बुद्धि का विकास रुक जाता है। 

8- बुद्धि और ज्ञान में गहरा सम्बन्ध हैं। ज्ञान का जीवन में व्यावहारिक प्रयोग बुद्धि कहलाता है। बुद्धि की सहायता से ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है परन्तु ज्ञान की सहायता से बुद्धि को विकसित नहीं किया जा सकता है ।      





All content is copyright ©️ 


           

Saturday, November 25, 2023

गार्डनर बुद्धि सिद्धांत हिन्दी में

                 गार्डनर बुद्धि सिद्धांत  


बुद्धि के विभिन्न सिद्धांतों में होवर्ड गार्डनर ने बुद्धि के एक अद्वितीय सिद्धांत का प्रतिपादन किया जिसे "बहु बुद्धि सिद्धांत" के नाम से जाना जाता है यह सिद्धांत पहली बार 1983 में उनकी प्रसिद्ध पुस्तक "फ्रेम्स ऑफ माइंड : द थ्योरी ऑफ़ मल्टीप्ल इंटेलिजेंस" में प्रकाशित हुआ जिसके अनुसार बुद्धि की आठ श्रेणियां बतलाई गई 


1-   तर्कपूर्ण गणितीय बुद्धि- 

 तर्कपूर्ण गणितीय बुद्धि और तर्कशास्त्र गणित से संबंधित क्षेत्र में से एक है जो सभी प्रकार की योग्यताओं प्रतिभाओं और कौशलों के लिए जिम्मेदार होती है इसका संबंध संख्यात्मक योग्यताओं से होता है इसमें निम्नलिखित components विभाजित होते हैं जिसमें निगमनात्मक तर्क योग्यता, आगमनात्मक योग्यता वैज्ञानिक चिंतन तर्कपूर्ण पहेलियों का समाधान शामिल होता है वैज्ञानिक, गणित शास्त्री, दार्शनिक तर्कपूर्ण गणितीय बुद्धि इत्यादि.


2-  स्थानात्मक बुद्धि - 

स्थानात्मक बुद्धि का संबंध रूपरेखा और चित्रण की कार्य कुशलता का प्रयोग करने वाले व्यक्तियों से होता है इसमें तर्कपूर्ण गणितीय बुद्धि से भिन्न एवं ब्रह्मांड के अनुकूल, नक्शों के अध्ययन, दृश्यात्मक कलाओं और शतरंज खेलने से संबंधित होती है चित्रकार, वास्तु-निर्माता इंजीनियर,मैकेनिक,सर्वेक्षक नौचालक,शिल्पकार और शतरंज के खिलाड़ी आदि

 3- संगीतात्मक बुद्धि -

 संगीतात्मक बुद्धि संगीत के क्षेत्र से संबंधित योग्यताओं प्रतिभाओं और कौशलों से संबंधित होती है इसके अंतर्गत नई आवाज की उतार- चढ़ाव, रचना, तान का प्रयोग इत्यादि व्यक्ति की योग्यताएं सम्मिलित होती हैं संगीतात्मक अभिव्यक्ति के प्रकारों का आनंद लेते हुए जब व्यक्ति इसका प्रयोग प्रदर्शित करता है तो ऐसे लोगों को संगीतकार कहा जाता है

 4- भाषाई बुद्धि - 

इस प्रकार की बुद्धि मनुष्यों में उपलब्ध सभी प्रकार की भाषा संबंधी व्यवस्था योग्यता प्रतिभा और कौशल के लिए जिम्मेदार होती है यह व्याकरण और वाक शक्ति के साथ व्यवहार करने संबंधी व्यक्ति की योग्यता होती है इसे निम्नलिखित आधार पर जाना जाता है जैसे -वाक्य रचना, शब्दार्थ विज्ञान, व्यावहारिकता या उपयोगिता तथा विद्यालय अभिमुख अधिक कौशल में जैसे की लिखित या मौखिक अभिव्यक्ति इस प्रकार की बुद्धि वकीलों,व्याख्याता लेखक, गीतकारों, पत्रकार इत्यादि में पाई जाती है 

5 - शारीरिक संचालन क्रियात्मक बुद्धि - 

 इस प्रकार की बुद्धि व्यक्तियों द्वारा अपने शारीरिक अंगों के उपयोग से अपनी योग्यताओं प्रतिभाओं और कौशलों को दर्शाने से संबंधित है या कौशल पूर्ण और उद्देश्य पूर्ण संचालन करने के लिए प्रयोग की जाती है एक प्रकार से जब कोई खिलाड़ी अपने शारीरिक अंगों का प्रयोग करके खेलता है या कोई नर्तक नृत्य के दौरान अपने शारीरिक अंगों का प्रयोग करता है तो वह शारीरिक संचालन क्रियात्मक बुद्धि है

 6- अंतर व्यक्तिगत या पारस्परिक संबंध बुद्धि - 

इस प्रकार की बुद्धि में दूसरों को समझने की योग्यताएं निहित होती हैं अर्थात स्वयं के अतिरिक्त व्यक्ति और दूसरों के साथ अपने संबंध को किस प्रकार स्थापित करता है यह पारस्परिक संबंध बुद्धि की विशेषताएं हैं इसके अतिरिक्त इसमें दूसरों के ज्ञान पर आधारित उत्पादक रूप से क्रिया करने की योग्यता शामिल होती है जिसकी व्यक्ति के दैनिक जीवन में सामाजिक पारस्परिक क्रियाओ के लिए आवश्यकता होती है व्यवहारिक जीवन में इस प्रकार की बुद्धि राजनीतिक,धार्मिक नेताओं, अध्यापकों, चिकित्सको, मनोचिकित्सको इत्यादि में देखी जाती है 

7- आंतरिक व्यक्तिगत बुद्धि- 

 इसमें स्वयं के आंतरिक पहलुओं का ज्ञान स्वयं की भावनाओं और संवेगों तक पहुंच निहित होती है इसके अंतर्गत व्यक्ति स्वयं के बारे में जानने की योग्यता रखता है इसमें अपने ज्ञान के भंडार का व्यावहारिक स्थितियों में उपयोग करने के लिए अपनी खुद की ज्ञानात्मक क्षमताओं शैलियों और मानसिक कार्य प्रणाली तथा अपनी भावनाओं संवेगों और कौशलों का ज्ञान शामिल है व्यक्ति में इस प्रकार की बुद्धि तक पहुंच केवल आत्मभिव्यक्ति द्वारा होती है अर्थात भाषा, संगीत, दृश्यात्मक कला और अन्य इस प्रकार की अभिव्यक्तियां इसका उदाहरण है हमारे व्यवहारिक जीवन में इस प्रकार की बुद्धि संतमहात्मा, ऋषियों इत्यादि के पास पाई जाती है 

 8 - प्राकृतिक बुद्धि - 

इस प्रकार की बुद्धि के अन्तर्गत व्यक्ति प्रकृति से सम्बंधित तथ्यों को पहचानना उसका निरीक्षण, वर्गीकृत उसको भली भाँती समझने की योग्यता सम्मिलित होती है। इसके अंतर्गत व्यक्ति प्रकृति के अधिक समीप होता है प्राकृतिक घटनाओं वस्तुओं पर अपना ध्यान अधिक केंद्रित करता है इसमें प्रयोग किए जाने वाले कार्यों में मौसम विभाग की जानकारी वाइल्ड एवं अन्य प्रकार के जानवरों के व्यवहार को समझना एवं प्राकृतिक तथ्यों पर अधिक ध्यान दिया जाता है





All content is copyright ©️ 

Howard Gardner intelligence theory

 Howard Gardner intelligence theory 


Introduction- the various theories of intelligence, Howard Gardner proposed a unique theory of intelligence known as the "Multiple Intelligence Theory". This theory was first published in 1983 in his famous book Frames of Mind: The Theory of Multiple Intelligences. Eight categories of intelligence were described according to this theory-


 1- Logical Mathematical Intelligence- Logical Mathematical Intelligence and Logic is one of the areas related to mathematics which is responsible for all types of abilities, talents and skills. It is related to numerical abilities. It is divided into the following components which include deductive reasoning ability, Inductive ability: Scientific thinking involves solving logical puzzles. In this field Scientist, mathematician, philosopher, logical mathematical intelligence etc.


2- Spatial intelligence - Spatial intelligence is related to people who use the skills of outline and drawing. In this, different from logical mathematical intelligence and compatible with the universe, study of maps etc. 

 Those related to visual arts and chess playing include also painters, architects, engineers, mechanics, surveyors, sailors, craftsmen and chess players etc.


3- Musical Intelligence - 

 Musical intelligence is related to the abilities, talents and skills related to the field of music. It includes the abilities of a person to learn new sounds, composition, use of tone etc. while enjoying the types of musical expression. If a person demonstrates its use then such people are called musicians.

  

4- Linguistic Intelligence - 

This type of intelligence is responsible for all types of language related system abilities, talents and skills available in humans. It is the ability of a person to deal with grammar and speech power. It is known on the following basis like -In syntax, semantics, practicality or utility and more school oriented skills like written or oral expression. This type of intelligence is found in lawyers, lecturers, writers, lyricists, journalists etc.


 5 - Physical Operational Intelligence - 

This type of intelligence is related to the use of their physical organs by individuals to show their abilities, talents and skills or is used to perform skillful and purposeful operations, in a way when a player uses his If a person plays using his body parts or a dancer uses his body parts while dancing, then that physical operation is functional intelligence.


6-  Inter- personal or interpersonal relationship intelligence - 

This type of intelligence involves the ability to understand others, that is, how a person establishes his relationship with others besides himself, this is the characteristic of interpersonal relationship intelligence. Apart from this, it also includes the ability to understand others. It includes the ability to act productively based on the knowledge of which is required for social interactions in a person's daily life. In practical life, this type of intelligence is seen in political, religious leaders, teachers, doctors, psychiatrists etc.


7- Intra- personal intelligence - It involves knowledge of internal aspects of oneself, access to one's own feelings and emotions. Under this, a person has the ability to know about himself. It includes his ability to use his store of knowledge in practical situations. Cognitive abilities include knowledge of styles and mental functioning and one's feelings, emotions and skills. A person has access to this type of intelligence only through self-expression, i.e. through language, music, visual arts and other such expressions. Examples of this are our practical life. This type of intelligence is found in saints, sages etc.

 


8 - Natural Intelligence - This type of intelligence includes the ability to recognize facts related to a person's nature, observe them, classify them and understand them well. Under this, a person is closer to nature and concentrates more on natural phenomena. Among the tasks used in this, information from the weather department, understanding the behavior of wild and other types of animals and more attention is given to natural facts.




All content is copyright ©️                                        open the door for comments and suggestions.